
रामनगर के कोसी नदी क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग ने निर्णायक कदम उठाते हुए 9 फरवरी 2026 को एक विशेष गोपनीय छापामार अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व प्रभागीय तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के डीएफओ और उप प्रभागीय वनाधिकारी ने किया। अचानक की गई कार्रवाई में बिना वैध प्रपत्रों के अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त 8 डंपर, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक मोडिफाइड ट्रैक्टर (केकड़ा) को मौके से जब्त किया गया। कार्रवाई की गोपनीयता के चलते अवैध खनन से जुड़े लोगों को संभलने का अवसर तक नहीं मिला, जिससे क्षेत्र में सख्त संदेश गया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
कोसी नदी क्षेत्र और आसपास की आरक्षित वन भूमि में अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर वन विभाग ने पूरी योजना के साथ गोपनीय अभियान तैयार किया। खास बात यह रही कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निजी वाहनों से मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
अभियान का नेतृत्व प्रकाश चंद्र आर्य (प्रभागीय तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर) और किरण शाह (उप प्रभागीय वनाधिकारी) ने किया। टीम ने अवैध खनन और खनिज परिवहन में लिप्त वाहनों पर अचानक कार्रवाई की।
जांच के दौरान 6 डंपर (6 टायरा) और 2 डंपर (10 टायरा) अवैध रूप से खनन/परिवहन करते पाए गए। इसके अलावा अवैध खनन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक मोडिफाइड ट्रैक्टर (केकड़ा) भी जब्त किए गए।
जप्त किए गए सभी वाहनों को रेंज स्टाफ और एसओजी टीम की निगरानी में संबंधित वन चौकियों में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोसी नदी में अवैध खनन से पर्यावरण और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को गंभीर नुकसान पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की सख्त और गोपनीय कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।
आंकड़े और तथ्य
इस अभियान में कुल 8 डंपर, 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 1 मोडिफाइड ट्रैक्टर (केकड़ा) जब्त किए गए। सभी वाहन बिना वैध दस्तावेजों के अवैध खनन/परिवहन में संलिप्त पाए गए।
आगे क्या होगा
विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोषियों पर भारी जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोसी नदी क्षेत्र और आरक्षित वन भूमि में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे गोपनीय और विशेष अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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