
देहरादून: अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर रविवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक और आंदोलनकारी संगठनों का जमावड़ा शुरू हो गया। प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह से ही एकत्र होने लगे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मामले में अब तक उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके चलते वे एकजुट होकर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से प्रदेश में आक्रोश बना हुआ है। विभिन्न संगठनों का आरोप है कि मामले की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो पाई और कुछ अहम बिंदुओं पर स्पष्टता अब भी बाकी है। इसी के चलते देहरादून में महापंचायत के माध्यम से साझा रणनीति और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पुलिस प्रशासन ने परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रवेश और आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
आंदोलनकारी मंच की संरक्षक कमला पंत ने कहा कि महापंचायत का उद्देश्य अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी नामों के खुलासे की निष्पक्ष जांच और दोषियों को फांसी की सजा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
आंदोलनकारियों के अनुसार महापंचायत में लिए गए निर्णयों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि यदि मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
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