
देहरादून: जमीन फ्रॉड से जुड़े एक बड़े मामले में एसटीएफ उत्तराखंड ने कार्रवाई करते हुए हरिद्वार के गंगनहर थाना क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी में फर्जी आधार कार्ड लगाकर झूठी गवाही दी। एसटीएफ के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सभी को जेल भेजा जा चुका है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पिछले महीने मिली सूचना और प्रार्थना पत्र के आधार पर एसटीएफ ने प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े जमीन फ्रॉड की जांच शुरू की थी। जांच के बाद 27 अगस्त 2025 को थाना गंगनहर में कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, उसके भतीजे मनीष बॉलर, पंकज अष्टवाल समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद मामले में पहली गिरफ्तारी मनीष बॉलर और पंकज अष्टवाल की हुई।
जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि जमीन की खरीद के लिए फर्जी ‘रेखा’ तैयार की गई थी। एसटीएफ ने फर्जी रेखा बनी महिला निदेश (पत्नी कुलदीप सिंह, निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार) को भी गिरफ्तार किया। इसके अलावा आकाश सक्सेना (निवासी श्यामनगर, रुड़की) को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। ताजा कार्रवाई में फर्जी दस्तावेजों पर गवाही देने वाले आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा निवासी श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी। उनकी करोड़ों रुपये की बेशकीमती संपत्ति की देखरेख पहले उनके भाई कृष्ण गोपाल कर रहे थे। 2018 में संपत्ति हड़पने की नीयत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
धमकी, गोलीकांड और फर्जीवाड़ा
इसके बाद श्याम बिहारी की पत्नी रेखा संपत्ति की देखभाल करने लगीं। आरोप है कि प्रवीण वाल्मीकि ने रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाया। इंकार करने पर 2019 में रेखा के भाई सुभाष पर गोली चलवाई गई, जिस पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इन घटनाओं से डरकर रेखा परिवार सहित रुड़की छोड़कर अज्ञात स्थान पर छिप गई।
फर्जी पावर ऑफ अटार्नी से बिक्री
एसटीएफ के अनुसार, इसके बाद गैंग ने फर्जी महिला को कृष्ण गोपाल की पत्नी ‘स्नेहलता’ बताकर फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार की और संपत्तियां आगे बेच दीं। इस पूरे फर्जीवाड़े में पंकज अष्टवाल की अहम भूमिका रही, जिसने पावर ऑफ अटार्नी अपने नाम कराकर करोड़ों मूल्य की संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर आगे बेचा।
आगे क्या होगा
एसटीएफ का कहना है कि मामले में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच जारी है। संपत्तियों के ट्रांजैक्शन, फर्जी पहचान और गवाहियों की कड़ी जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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