
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन चारधाम यात्रा के साथ-साथ पर्यटन के लिए भी लाइफ लाइन साबित होगी। इस रेल परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सफर अधिक सुगम होगा, वहीं मानसून के दौरान सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में कर्णप्रयाग तक रेल से पहुंचना आसान हो सकेगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सीएम कैंप कार्यालय में प्रगति पोर्टल विषय पर आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग से उत्तराखंड में चल रही बड़ी परियोजनाओं की निगरानी के लिए इस पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल का उद्देश्य परियोजनाओं की प्रगति पर सतत नजर रखने के साथ जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य में 3.50 लाख करोड़ रुपये लागत की 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इनमें से 11,967 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 3.38 लाख करोड़ रुपये की 32 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं में सड़क व राष्ट्रीय राजमार्ग की चार, ऑयल एवं गैस की तीन, विद्युत उत्पादन की एक, नागरिक उड्डयन अवस्थापना विकास की एक और शिक्षा क्षेत्र की एक परियोजना शामिल है।
आंकड़े और तथ्य
वर्तमान में चल रही 32 परियोजनाओं में सड़क और राजमार्ग की 19, आईटी की तीन, ऊर्जा उत्पादन की तीन, रेलवे की दो तथा कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट और जल प्रबंधन से जुड़ी एक-एक परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में आ रही चुनौतियों को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रही हैं।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष में पूंजीगत निवेश के लिए उत्तराखंड को 1,800 करोड़ रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने नरेंद्र मोदी और निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता विकसित उत्तराखंड के विजन को साकार करने और इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।







