
देहरादून: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उत्तराखंड में उम्मीदों का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की कोई भी बड़ी योजना हो, उसमें उत्तराखंड को शामिल किया जाता है। प्रधानमंत्री का राज्य से विशेष लगाव रहा है, इसी कारण हर बजट में उत्तराखंड को अपेक्षा से बेहतर सहयोग मिलता रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस बार भी केंद्रीय बजट से राज्य को उम्मीद से बढ़कर मिलेगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। यहां खेती, कनेक्टिविटी और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर विशेष सहायता की आवश्यकता रहती है। पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं से राज्य को लगातार लाभ मिला है, जिससे इस बार के बजट को लेकर भी अपेक्षाएं बढ़ी हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की आवश्यकताओं को गंभीरता से समझती है। उन्होंने कहा कि अब तक हर बजट में राज्य को विकास के लिए अतिरिक्त सहयोग मिला है और केंद्रीय बजट 2026 से भी यही उम्मीद है कि यह उत्तराखंड के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
केंद्रीय बजट से प्रदेश के किसानों को भी बड़ी उम्मीदें हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत प्रतिशत फसल खरीद की गारंटी देनी चाहिए। इसके साथ ही नकदी फसलों को बढ़ावा देने और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस योजनाएं जरूरी हैं।
नैनीताल जिले के मल्ला निगलाठ गांव निवासी नीरज मेहरा का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों से खेती को भारी नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार, करीब 90 प्रतिशत लोगों ने इसी वजह से खेती छोड़ दी है। किसानों को उम्मीद है कि बजट में फसल सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी योजना लाई जाएगी।
आंकड़े और तथ्य
किसानों का कहना है कि न्यूनतम मूल्य पर फसलों की खरीद की गारंटी न होने के कारण उन्हें कई बार औने-पौने दाम पर उपज बेचनी पड़ती है, जिससे लागत भी नहीं निकल पाती। बीज की गुणवत्ता और सिंचाई व्यवस्था भी किसानों की बड़ी समस्या बनी हुई है।
आगे क्या होगा
मोथरोवाला निवासी एचपी जोशी के अनुसार किसानों को गुणवत्तायुक्त और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है। वहीं, दूधली निवासी मोहन सिंह बोरा का कहना है कि देहरादून शहर का गंदा पानी खेतों में आने से जैविक खेती प्रभावित हो रही है और इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। किसानों को उम्मीद है कि केंद्रीय बजट 2026 में इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।







