
देहरादून: विदेशी छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद एक विदेशी छात्र को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया है। मामला क्लेमेनटाउन क्षेत्र में आयोजित एक पार्टी से जुड़ा था, जहां छात्रा ने आरोप लगाया था कि पार्टी के दौरान उसके साथ दुष्कर्म हुआ। न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और विवेचना में आई कमियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मामले के अनुसार मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका की रहने वाली छात्रा 30 अगस्त 2022 को भारत आई थी और देहरादून के एक निजी विश्वविद्यालय में बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा का आरोप था कि 29 अक्टूबर 2024 को एक पार्टी के दौरान दक्षिण सूडान का रहने वाला बीबीए का छात्र उसके कमरे में आया और उसने दुष्कर्म किया। छात्रा ने देहरादून में शिकायत दर्ज नहीं कराई, बल्कि बाद में दिल्ली में शिकायत दी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
दिल्ली में शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद देहरादून की पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने 31 अक्टूबर 2022 को आरोपित छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट (पोक्सो) में हुई, जहां शुक्रवार को फैसला सुनाया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार छात्रों को गवाह के रूप में पेश किया। गवाहों ने अदालत में बताया कि पार्टी में 10–12 छात्र मौजूद थे और पीड़िता पार्टी के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। कुछ समय बाद वह चिल्लाती हुई बाहर आई और बताया कि किसी ने उसे छुआ है। गवाहों के अनुसार उस समय आरोपित छात्र उस कमरे में मौजूद नहीं था।
आंकड़े और तथ्य
अदालत के समक्ष पेश मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा विवेचना के दौरान घटनास्थल से बेडशीट या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त नहीं की गई, जिसे अदालत ने जांच में बड़ी कमी माना। इन सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपों को संदेह से परे सिद्ध न मानते हुए आरोपित को दोषमुक्त कर दिया।
आगे क्या होगा
अदालत के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई संबंधित आदेशों के अनुसार होगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आगे किसी अपील को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।




