
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में शनिवार को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यह बदलाव खासतौर पर उन जिलों में महसूस किया जाएगा, जहां पहले से ही तापमान कम बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों तक पहाड़ों में ठंड का असर बरकरार रहने के आसार हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। विशेष रूप से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के ज्यादा आसार बताए गए हैं। विभाग का कहना है कि यह स्थिति चार फरवरी तक बनी रह सकती है, जिसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पांच फरवरी से प्रदेशभर में मौसम शुष्क होने और ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
पर्वतीय क्षेत्रों के स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से धूप निकलने के कारण ठंड से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से बर्फबारी की संभावना से तापमान गिरने की आशंका है। पर्यटन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि बर्फबारी से औली जैसे इलाकों में सैलानियों की संख्या बढ़ सकती है।
आंकड़े और तथ्य
शुक्रवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक तेज धूप खिली, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री ज्यादा 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार चार फरवरी तक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से मौसम साफ होने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में भी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से चमोली जिले के औली सहित आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई थी, जिससे तापमान में गिरावट आई थी और ठंड बढ़ गई थी।







