
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हो गई है। सुबह 11 बजे आरंभ हुई इस बैठक में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, गणेश जोशी और सुबोध उनियाल मौजूद हैं। बैठक के दौरान आगामी विधानसभा बजट सत्र के स्थान और तिथियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
15 फरवरी को हुई पिछली मंत्रिमंडल बैठक में कैबिनेट ने विधानसभा बजट सत्र की तिथियों और स्थान के निर्धारण के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था। राज्य सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि आगामी बजट सत्र उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा, लेकिन अब तक सत्र की तिथियों का औपचारिक ऐलान नहीं हो पाया है।
बजट सत्र को लेकर चर्चा
मंत्रिमंडल की बैठक में बजट सत्र की तिथियों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वित्त विभाग की ओर से आगामी बजट सत्र का खाका तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभागों से पहले ही प्रस्ताव मांगे जा चुके हैं और वर्तमान में विभागवार चर्चा चल रही है।
नियमावलियों में संशोधन पर मंथन
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की संशोधित नियमावलियों पर भी विचार किया जा सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्ताव एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटन विभाग की नियमावली में संशोधन संबंधी प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है, जिससे प्रदेश में निवेश और नए पर्यटन स्थलों के विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
धार्मिक स्थलों से जुड़ा मुद्दा
राज्य में कुछ धार्मिक और पौराणिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर उठ रही मांगों के मद्देनजर इस विषय पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की संभावना जताई जा रही है। हरिद्वार के हरकी पैड़ी में लंबे समय से गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठती रही है। वहीं गंगोत्री धाम में गंगोत्री मंदिर समिति द्वारा गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित किया जा चुका है। इसके अलावा बदरी केदार मंदिर समिति की ओर से भी आगामी बोर्ड बैठक में अपने अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर निर्णय लेने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अहम प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा के लिए डॉक्टरों का अलग कैडर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा बॉन्डधारी डॉक्टरों के पीजी कोर्स के लिए अध्ययन नीति को लेकर भी बैठक में चर्चा संभव है।
आगे क्या होगा
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बजट सत्र की तिथियों, स्थान और विभिन्न विभागों से जुड़े फैसलों पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। राज्य सरकार की नजर आगामी बजट और चारधाम यात्रा की तैयारियों को समय पर पूरा करने पर है।







