
कोटद्वार: लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत सुखरो बीट के कक्ष संख्या-2 में लकड़ी लेने गए एक वृद्ध की हाथी के हमले में मौत हो गई। रविवार सुबह हुई इस घटना की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी तलाश के बाद जंगल से शव बरामद किया गया। मृतक का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया जाएगा। घटना ने क्षेत्र में मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को एक बार फिर सामने ला दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कोटद्वार और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है। जंगलों के निकट बसे गांवों में ईंधन और चारा संग्रह के दौरान लोगों का वन्यजीवों से सामना होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे जानमाल का खतरा बना रहता है।
आधिकारिक जानकारी
कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि मूल रूप से कांडाखाल और हाल में शिवपुर निवासी बृजमोहन (70) पुत्र पंचम सिंह रविवार सुबह अपने पड़ोसी हेमेंद्र सिंह के साथ सुखरो बीट के जंगल में लकड़ी लेने गए थे। इसी दौरान अचानक हाथी से आमना-सामना हो गया।
हाथी को देखकर दोनों जान बचाने के लिए भागे। हेमेंद्र सिंह किसी तरह सुरक्षित घर पहुंच गया, लेकिन बृजमोहन वापस नहीं लौट सके। परिजनों को सूचना देने के बाद वनकर्मियों ने तलाश शुरू की और कक्ष संख्या-2 में उनका शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में हाथी द्वारा पटक-पटक कर मारने की पुष्टि हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
आंकड़े / मुआवजा
वन विभाग के अनुसार मृतक के परिजनों को अग्रिम मुआवजा के रूप में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। शेष सात लाख रुपये की मुआवजा राशि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।
आगे क्या होगा
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।






