
ऋषिकेश: वीकेंड की छुट्टियों ने ऋषिकेश की रौनक तो बढ़ा दी, लेकिन भारी भीड़ ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कैंपों से लेकर रिजॉर्ट्स तक हाउसफुल के बोर्ड लटकते नजर आए, जबकि सड़कों पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया कि यातायात पुलिस को व्यवस्था संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों और मुख्य चौराहों पर लंबी कतारें लगती रहीं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश वीकेंड और छुट्टियों के दौरान पर्यटकों की पहली पसंद रहता है। रिवर राफ्टिंग, जंगल कैंप, धार्मिक स्थल और आसपास के हिल स्टेशनों की नजदीकी के कारण यहां हर सप्ताहांत भारी भीड़ उमड़ती है। 31 दिसंबर के बाद पहली बार इस स्तर पर कैंप और रिजॉर्ट्स फुल होने से पर्यटन कारोबार में तेजी देखी गई है।
आधिकारिक जानकारी
यातायात पुलिस के अनुसार बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इंद्रमणि बडोनी चौक पर यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया। पुलिस ने पर्यटकों से अपील की कि वे निर्धारित पार्किंग का उपयोग करें और नियमों का पालन करें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कैंप संचालक अभय नौटियाल, यश भंडारी और गौरव कौशिक का कहना है कि 31 दिसंबर के बाद पहली बार कैंप और रिजॉर्ट्स पूरी तरह भर गए हैं। उनका कहना है कि पर्यटक एक दिन ऋषिकेश में ठहरकर अगले दिन मसूरी, कांडाताल और जॉर्ज एवरेस्ट जैसे स्थानों का रुख कर रहे हैं।
नीरगड्डू इको विकास समिति के अध्यक्ष त्रिलोक रावत ने बताया कि वीकेंड पर नीरगड्डू वॉटरफॉल में भी भारी भीड़ रही, जिससे रास्तों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।
भीड़ और यातायात की स्थिति
सप्ताहांत पर रत्तापानी, पस्तोड़ा, घट्टूगाड़, बिजनी, मोहनचट्टी, नैल और खैरखाल क्षेत्रों के जंगल कैंप और रिजॉर्ट्स फुल रहे। गरुड़चट्टी पुल, मोहनचट्टी और रत्तापानी में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
ढालवाला, भद्रकाली चौक, ब्रह्मानंद मोड़, तपोवन तिराहा के साथ-साथ हाईवे पर भी यातायात दबाव बना रहा। आईडीपीएल सिटी, कोयलघाटी, पुरानी चुंगी और त्रिवेणीघाट तिराहा पर भी वाहनों की रफ्तार थमी रही। बदरीनाथ हाईवे पर नीरगड्डू वॉटरफॉल मार्ग से पहले वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि आगामी वीकेंड और छुट्टियों को देखते हुए यातायात प्रबंधन को और सख्त किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकती है, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।







