
देहरादून: उत्तराखंड में फरवरी माह से राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अनुसार जिन राशन कार्ड धारकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनका राशन वितरण एक फरवरी से बंद किया जा सकता है। प्रदेश में करीब 10 लाख कार्डधारकों की ई-केवाईसी अभी लंबित है। इसके अलावा चार पहिया वाहन रखने वाले, सरकारी नौकरी में कार्यरत या तय आय सीमा से अधिक आय वाले अपात्र कार्डधारकों को भी राशन सुविधा से बाहर किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना बताया जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सरकारी राशन योजनाओं का लाभ लंबे समय से अपात्र लोगों द्वारा उठाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आधार आधारित सत्यापन और ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। उत्तराखंड में दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क और जागरूकता की कमी के कारण ई-केवाईसी की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है।
आधिकारिक जानकारी
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने बताया कि सभी राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्डधारकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग प्रयासरत है और अभियान की समयावधि बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर बातचीत की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-केवाईसी की जानकारी समय पर न मिलने और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई कार्डधारक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। खासकर पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोग समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी जरूरतमंद का राशन न रुके।
आंकड़े / तथ्य
प्रदेश में अब तक करीब 50 हजार राशन कार्ड रद किए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे कार्डधारकों की है, जो उच्च आय वर्ग में होने के बावजूद राशन सुविधा का लाभ ले रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 10 लाख कार्डधारकों की ई-केवाईसी अभी लंबित है, जिन्हें 31 जनवरी तक सत्यापन कराना अनिवार्य है।
आगे क्या होगा
एक फरवरी से ई-केवाईसी पूरी न करने वाले राशन कार्ड अमान्य माने जाएंगे और राशन वितरण बंद किया जा सकता है। हालांकि, विभाग की ओर से यह संकेत भी दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर समय सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं नए महीने से गेहूं-चावल के साथ दाल और नमक भी राशन में शामिल किए जाने की योजना है।







