
पौड़ी: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में मानव–वन्यजीव संघर्ष की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। जयहरीखाल विकासखंड के बरस्वार गांव में गुलदार ने घर के आंगन में खेल रही डेढ़ साल की बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले सहित उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में हाल के वर्षों में गुलदार की आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही बढ़ी है। खेतों, गांवों और घरों के आसपास गुलदार दिखने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पालतू जानवरों पर हमले और लोगों के घायल होने के मामलों ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को गंभीर मुद्दा बना दिया है।
आधिकारिक जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ। लैंसडाउन के रेंजर राकेश चंद्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गांव में वन विभाग की टीम भेज दी गई है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आगे की कार्रवाई स्थिति के आकलन के बाद की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। परिजनों के अनुसार, बच्ची अपनी मां के साथ आंगन में थी, तभी गुलदार झपट्टा मारकर उसे झाड़ियों की ओर ले गया। गांव के लोगों ने बताया कि ऐसी घटनाओं से भय का माहौल बन गया है और बच्चे घर से बाहर निकालने में डर लग रहा है।
आंकड़े / तथ्य
घटना के बाद करीब एक घंटे की खोजबीन में बच्ची का शव घर से लगभग 20 मीटर दूर झाड़ियों में मिला। परिजन उसे तुरंत लैंसडाउन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है। साथ ही आदमखोर घोषित कर शूट करने की मांग भी उठी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी जारी रखे हुए है।




