
मसूरी: शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद शनिवार को मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। सीजन की पहली जोरदार बर्फबारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में सैलानी मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर पहुंचने लगे। इसके चलते देहरादून–मसूरी हाईवे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। शहर के प्रमुख इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से प्रशासन को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सितंबर 2025 में मानसून विदा होने के बाद करीब चार महीने तक मसूरी में बारिश और बर्फबारी नहीं हुई थी। शुक्रवार तड़के बूंदाबांदी के साथ मौसम ने करवट ली और सुबह करीब साढ़े नौ बजे से बर्फबारी शुरू हुई, जो रुक-रुक कर शाम चार बजे तक जारी रही। इस दौरान मसूरी नगर मालरोड से नीचे किंक्रेग तक पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया।
स्थिति और असर
मसूरी के साथ ही धनोल्टी, काणाताल, बुराशंखण्डा, सुरकण्डा, नागटिब्बा, त्याड़े भदराज, दुधली भदराज, लाल टिब्बा, चार दुकान, जॉर्ज एवरेस्ट और विंसेंट हिल जैसे पर्यटन स्थलों पर भी हिमपात और बारिश दर्ज की गई। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक सड़कों और खुले स्थानों पर मस्ती करते नजर आए। तीन दिन के लंबे वीकेंड के चलते पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हुआ।
आधिकारिक जानकारी
कोतवाल दवेंद्र चौहान ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या और यातायात दबाव को देखते हुए देहरादून से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद हुई बर्फबारी से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। होटल और स्थानीय व्यवसायों को इससे राहत की उम्मीद है, हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि यदि पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो ट्रैफिक डायवर्जन और अतिरिक्त व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं। मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।





