
धर्म डेस्क: Jaya Ekadashi 2026 को लेकर इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि जया एकादशी 29 जनवरी को है या 30 जनवरी को। हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी का व्रत रखा जाता है, लेकिन तिथि के क्षय-वृद्धि के कारण कई बार इसकी तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है। 2026 में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है, जिस कारण श्रद्धालु सही दिन जानना चाहते हैं।
जया एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। उत्तराखंड सहित देश के कई हिस्सों में लोग इस दिन व्रत-उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। ऐसे में Jaya Ekadashi 2026 की सही तिथि और पूजा मुहूर्त जानना बेहद जरूरी हो जाता है।
Jaya Ekadashi 2026: 29 या 30 जनवरी, सही तिथि क्या है
पंचांग के अनुसार 2026 में माघ शुक्ल एकादशी की तिथि 29 जनवरी को देर शाम से प्रारंभ होकर 30 जनवरी को रात्रि तक रहेगी। एकादशी व्रत का निर्णय उदया तिथि के आधार पर किया जाता है। चूंकि उदया तिथि 30 जनवरी को मानी जाएगी, इसलिए Jaya Ekadashi 2026 का व्रत 30 जनवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।
यह जानकारी वर्तमान पंचांग गणना और परंपरागत उदया तिथि नियमों पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों के पंचांग में समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय मंदिर या पंचांग से पुष्टि करना भी उचित माना जाता है।
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जया एकादशी का धार्मिक महत्व
जया एकादशी का उल्लेख पद्म पुराण और स्कंद पुराण में मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिलती है। उत्तराखंड के कई धार्मिक स्थलों पर इस दिन विशेष पूजा और विष्णु सहस्रनाम पाठ का आयोजन किया जाता है।
स्थानीय पंडितों के अनुसार यह एकादशी आत्मशुद्धि और संयम का प्रतीक मानी जाती है। व्रत रखने वाले लोग दिनभर फलाहार करते हैं और अगले दिन पारण कर व्रत पूर्ण करते हैं।
Jaya Ekadashi 2026 पूजा मुहूर्त और व्रत से जुड़ी जानकारी
पूजा मुहूर्त प्रातः काल में ब्रह्म मुहूर्त के बाद से दोपहर तक श्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप, धूप और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं।
वर्तमान नियमों के अनुसार एकादशी व्रत में अन्न का सेवन वर्जित माना जाता है। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से फल, दूध या हल्का सात्विक आहार लिया जा सकता है।
जया एकादशी 2026: एक नजर में जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| पर्व का नाम | जया एकादशी |
| वर्ष | 2026 |
| व्रत की तिथि | 30 जनवरी 2026 |
| वार | शुक्रवार |
| मास | माघ |
| पूजा का श्रेष्ठ समय | प्रातः से दोपहर तक |
| पारण | अगले दिन द्वादशी को |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
जया एकादशी 2026 किस दिन मनाई जाएगी?
पंचांग के अनुसार उदया तिथि को मानते हुए जया एकादशी का व्रत 30 जनवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।
29 और 30 जनवरी को लेकर भ्रम क्यों है?
दरअसल एकादशी तिथि 29 जनवरी की शाम से शुरू होकर 30 जनवरी तक रहती है। व्रत हमेशा उदया तिथि में रखा जाता है, इसलिए 30 जनवरी को मान्य माना गया है।
जया एकादशी का व्रत कैसे रखा जाता है?
इस दिन श्रद्धालु अन्न का सेवन नहीं करते और फल, दूध या जल लेकर व्रत रखते हैं। दिनभर भगवान विष्णु की पूजा और ध्यान किया जाता है।
क्या जया एकादशी पर पूजा का कोई खास समय होता है?
सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। प्रातः स्नान के बाद पूजा करना बेहतर होता है, हालांकि दिन में कभी भी पूजा की जा सकती है।
अगर व्रत न रख सकें तो क्या करना चाहिए?
अगर स्वास्थ्य या किसी कारण से व्रत रखना संभव न हो, तो केवल भगवान विष्णु की पूजा और नाम स्मरण भी पर्याप्त माना जाता है।
जया एकादशी का पारण कब किया जाता है?
व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि को प्रातः काल में किया जाता है।
निष्कर्ष
Jaya Ekadashi 2026 को लेकर तिथि का भ्रम स्वाभाविक है, लेकिन पंचांग और उदया तिथि के आधार पर यह स्पष्ट है कि जया एकादशी का व्रत 30 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। सही तिथि और पूजा विधि जानकर श्रद्धालु इस व्रत को श्रद्धा और विश्वास के साथ कर सकते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि आत्मसंयम और सकारात्मक जीवन दृष्टि का संदेश भी देता है।







