
देहरादून में होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद से जुड़े घोटाले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान टेंडर प्रक्रिया में सामने आई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के बाद की गई है। मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के भी निर्देश दिए हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
होमगार्ड विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे थे। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
टेंडर प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताएं
जांच में आरोप सामने आए कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से बाजार भाव की तुलना में कई गुना अधिक दरों पर सामग्री खरीदी गई। आरोप है कि एक करोड़ रुपये के सामान का भुगतान करीब तीन करोड़ रुपये दिखाया गया। टेंडर में 130 रुपये के डंडे की कीमत 375 रुपये, 500 रुपये के जूते की कीमत 1500 रुपये, 1200 रुपये की पेंट-शर्ट 3000 रुपये और 500 रुपये की जैकेट 1580 रुपये दर्शाई गई थी।
जांच के बाद खुला घोटाले का राज
वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुए इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब वित्तीय वर्ष 2025-26 में फिर से उन्हीं दरों पर टेंडर निकाला गया। विभाग में तैनात नए महानिदेशक पीवीके प्रसाद ने बाजार दरों और टेंडर रेट में भारी अंतर देख जांच करवाई। जांच में सामने आया कि अधिकांश सामग्री बाजार मूल्य से करीब तीन गुना अधिक दाम पर खरीदी जा रही थी।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विभागीय कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
महानिदेशक की रिपोर्ट के आधार पर न केवल टेंडर निरस्त किया गया, बल्कि आरोपी डिप्टी कमांडेंट के खिलाफ केस दर्ज कराने, दो करोड़ रुपये की रिकवरी करने और सेवा से बर्खास्तगी की संस्तुति भी शासन को भेजी गई थी। घोटाले के सामने आने के बाद विभाग में वर्दी की खरीद पर रोक लगा दी गई थी, जिसे अब औपचारिक जांच के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सरकारी महकमे और आम जनता का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश जाता है। लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती से ही व्यवस्था में सुधार संभव है।
आगे क्या होगा
संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर पर मामले की नियमित समीक्षा की जा रही है।




