
हरिद्वार: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने बैरागी कैंप में आयोजित शांतिकुंज के शताब्दी समारोह का दीपप्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय परंपरा और सनातन संस्कृति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय लोग हिंदुत्व की बात करने से डरते थे, लेकिन आज हिंदुत्व का नारा पूरे देश में गूंज रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अनुयायी मौजूद रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जो गायत्री परिवार की गतिविधियों का मुख्य केंद्र माना जाता है। शांतिकुंज का शताब्दी समारोह भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के सौ वर्षों की यात्रा को रेखांकित करता है, जिसमें समाज सुधार और नैतिक मूल्यों के प्रसार पर जोर दिया गया है।
शांतिकुंज शताब्दी समारोह का शुभारंभ
बैरागी कैंप में आयोजित समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने दीपप्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान निहित है। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गायत्री मंत्र के माध्यम से जाति, समाज और लिंग भेद से ऊपर उठकर आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया।
गायत्री आंदोलन पर अमित शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का कार्य किया। उनके आंदोलन से 15 करोड़ से अधिक लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को गायत्री मंत्र, साधना और उपासना से जोड़ने वाले इस आंदोलन की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी पर है, ताकि सौ वर्षों की इस यात्रा को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय पुनर्जागरण का उल्लेख
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 1925–26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का काल रहा है। इसी कालखंड में संघ परिवार की स्थापना हुई और अखंड ज्योति आंदोलन ने भी आकार लिया। उन्होंने इसे देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ते हुए ऐतिहासिक बताया।
संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन
हरिद्वार प्रवास के दौरान अमित शाह ने पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन किए। इस अवसर पर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज ने उनका स्वागत किया और मकर वाहिनी मां गंगा की प्रतिमा भेंट की। गृह मंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं और संत समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि शांतिकुंज शताब्दी समारोह जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा देते हैं। गृह मंत्री की उपस्थिति से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
आगे क्या होगा
शांतिकुंज शताब्दी समारोह के तहत आने वाले दिनों में विभिन्न आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें देश-विदेश से श्रद्धालुओं और विचारकों की भागीदारी होने की संभावना है।







