
टिहरी: एशिया के सबसे बड़े बांध क्षेत्र में स्थित टिहरी झील के ऊपर बने डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज की चांठी साइड एप्रोच रोड पर गंभीर दरारें सामने आई हैं। टावर के ठीक ऊपर बनी सड़क में पड़ी इन बड़ी दरारों से न केवल वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि पुल की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस मामले ने क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
टिहरी झील के ऊपर बना डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज टिहरी को प्रतापनगर से जोड़ता है और राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शामिल है। पुल का उद्घाटन 8 नवंबर 2020 को किया गया था। करीब पांच साल बाद अब चांठी साइड के टावर के ऊपर बनी सड़क पर दरारें दिखाई देना प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
सड़क पर पड़ी दरारों से बढ़ी परेशानी
चांठी साइड एप्रोच रोड पर पड़ी दरारों के कारण वाहन हिचकोले खाते नजर आ रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहनों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब दरारें और गहरी होने लगी हैं, जिससे पुल को भी खतरा होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुल के ठीक ऊपर बनी सड़क में दरारें पड़ना बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि पुल सुरक्षित रह सके और भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कमल सिंह नेगी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि डोबरा-चांठी पुल की दाहिनी साइड पहले से ही स्लाइड जोन में है, जिसे क्रॉनिक स्लाइड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि टीएचडीसी को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर प्राप्त होते ही उसे शासन को भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर सहित आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज की खासियतें
डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज देश-विदेश में अपनी विशिष्ट संरचना के लिए जाना जाता है। इसकी कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें 440 मीटर झूला पुल है। पुल समुद्रतल से करीब 850 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इस पर 15 टन तक के भारी वाहन गुजर सकते हैं। पुल की चौड़ाई 7 मीटर है, जिसमें साढ़े 5 मीटर सड़क और दोनों ओर फुटपाथ की सुविधा मौजूद है। यह पुल न केवल आवागमन बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी टिहरी की पहचान बन चुका है।
आगे क्या होगा
लोक निर्माण विभाग के अनुसार डीपीआर मिलते ही शासन से स्वीकृति लेकर मरम्मत और सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द कार्रवाई होगी और पुल व सड़क दोनों सुरक्षित रहेंगे।




