
देहरादून: उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन व्यवसायों के लिए रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। हर साल लाखों पर्यटकों और चारधाम यात्रा के दौरान भारी संख्या में तीर्थयात्रियों के आगमन को देखते हुए राज्य सरकार ने उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली 2014 में संशोधन किया है। अब होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट योजनाओं को एकीकृत करते हुए सभी पर्यटन संबंधी गतिविधियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही अब रजिस्ट्रेशन केवल एक बार नहीं, बल्कि हर 5 साल में नवीनीकरण कराना जरूरी होगा, जिससे पर्यटन व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण संभव हो सकेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन राज्य है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थल और साहसिक पर्यटन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अब तक होटल, मोटल, टेंट कॉलोनी, एडवेंचर गतिविधियों और स्पा जैसी इकाइयों को ट्रैवल ट्रेड रजिस्ट्रेशन कराना होता था, लेकिन होमस्टे योजना इससे बाहर थी। इस कारण कई मामलों में नियमों का दुरुपयोग हो रहा था और वास्तविक उद्देश्य से भटकाव देखा गया।
आधिकारिक जानकारी
पर्यटन विभाग द्वारा संशोधित नियमावली के तहत अब ट्रैवल एंड ट्रेड रजिस्ट्रेशन में पर्यटन से जुड़ी हर व्यावसायिक गतिविधि को शामिल किया गया है। पहले यह रजिस्ट्रेशन वन टाइम होता था, लेकिन अब सभी होटलों और पर्यटन इकाइयों को हर 5 साल में इसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। नई नीति को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और इसके क्रियान्वयन के लिए शासनादेश के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड में होमस्टे योजना का बदला स्वरूप
पर्यटन विकास परिषद के अनुसार राज्य में अब तक करीब 6000 होमस्टे रजिस्टर्ड हैं। इनमें सबसे अधिक होमस्टे नैनीताल जिले में हैं, इसके बाद देहरादून और पिथौरागढ़ का स्थान आता है। फीडबैक में यह सामने आया कि होमस्टे योजना शहरी क्षेत्रों में अधिक लोकप्रिय हो रही थी, जबकि इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना था। इसी कारण योजना में बदलाव कर इसे ग्रामीण संस्कृति और जीवनशैली के संरक्षण से जोड़ा गया है।
ग्रामीण मूल निवासियों के लिए होमस्टे, व्यवसाय के लिए बेड एंड ब्रेकफास्ट
अपर निदेशक पूनम चंद ने बताया कि होमस्टे योजना का लाभ अब केवल राज्य के स्थायी ग्रामीण निवासियों को मिलेगा। जिस घर में व्यक्ति स्वयं रहता है, उसी में होमस्टे संचालित करना होगा। यदि कोई केयरटेकर के माध्यम से संचालन करता है, तो उसे होमस्टे नहीं बल्कि बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इससे बाहर के निवेशकों द्वारा मिलने वाली कर छूट के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और राज्य के राजस्व को भी संरक्षण मिलेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि नए नियमों से वास्तविक ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलेगा और पर्यटन का फायदा सीधे गांवों तक पहुंचेगा। वहीं होटल व्यवसायियों का मानना है कि स्पष्ट नियमों से प्रतिस्पर्धा में पारदर्शिता आएगी, हालांकि रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण को लेकर अतिरिक्त प्रक्रिया बढ़ेगी।
आंकड़े / तथ्य
राज्य में वर्तमान में लगभग 6000 होमस्टे रजिस्टर्ड हैं। अब सभी होटलों और पर्यटन इकाइयों को हर 5 साल में रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण कराना होगा, जबकि होमस्टे पहले की तरह तय अवधि के बाद रिन्यू किए जाएंगे।
आगे क्या होगा
पर्यटन विभाग आने वाले समय में नई नीति के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई करेगा। बिना रजिस्ट्रेशन या नवीनीकरण के संचालन करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की जा सकती है।







