
ऋषिकेश: अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने वीरभद्र रोड स्थित वीरभद्र शिव मंदिर के समीप किए गए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पूर्व में जारी आदेशों के अनुपालन में की गई, जिसमें पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को गिराया गया। वहीं, तपोवन क्षेत्र में भी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की टीम ने तीन निर्माणों को सील कर दिया। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि लगातार बढ़ रहे अनियंत्रित निर्माण से शहर की नियोजन व्यवस्था और सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विकास प्राधिकरणों द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन कई मामलों में निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाए जाने पर सख्त कार्रवाई करनी पड़ती है।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम और पीठासीन अधिकारी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण योगेश मेहरा ने बताया कि वीरभद्र रोड, वीरभद्र शिव मंदिर के निकट निवासी भावेश जोशी आदि द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए लगभग 15×50 फीट क्षेत्रफल में भू-तल पर छत डाली गई थी और प्रथम तल की छत पर शटरिंग का कार्य चल रहा था।
उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर को अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश पारित किए गए थे। क्षेत्रीय अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित समयावधि में निर्माण नहीं हटाया गया, जिसके बाद मंगलवार को कार्रवाई कर निर्माण ध्वस्त किया गया।
तपोवन में तीन निर्माण सील
जिलाधिकारी एवं उपाध्यक्ष, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के निर्देशों पर विकासखंड नरेंद्रनगर के तपोवन क्षेत्र में तीन निर्माणों को सील किया गया।
सील किए गए निर्माणों में अंकुर मलिक, मनमोहन पोखरियाल और सूर्य कुमार के निर्माण शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता पंकज पाठक, कनिष्ठ अभियंता विपिन कोठारी, रघुवीर सिंह और सूरज जोशी मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण से यातायात, जलनिकासी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही थीं। कार्रवाई से नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में अनाधिकृत निर्माण पर अंकुश लगेगा।
आगे क्या होगा
विकास प्राधिकरणों ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र किए गए निर्माणों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण बढ़ाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।







