
ऋषिकेश: 220 केवी उप संस्थान वीरभद्र पिटकुल ऋषिकेश में उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर संगठन की ओर से एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत वितरण मंडल हरिद्वार में निलंबित किए गए अवर अभियंता पीतम सिंह के निलंबन पर कड़ा आक्रोश जताया गया। संगठन ने निलंबन आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि आदेश निरस्त नहीं किया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विद्युत विभाग में लंबे समय से कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। संगठन का कहना है कि बिना ठोस आधार के निलंबन जैसी कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है और कार्य वातावरण प्रभावित होता है।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे
बैठक के दौरान अवर अभियंताओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने सभी अवर अभियंताओं को विद्युत टैरिफ की सुविधा देने, प्रोन्नति कोटा 58.33 प्रतिशत करने और रुकी हुई सभी प्रोन्नतियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने की मांग की।
विभागीय जांच और एसीपी पर मांग
बैठक में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों के विरुद्ध लंबे समय से लंबित विभागीय जांचों का समय पर निस्तारण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही एसीपी (आश्वस्त करियर प्रगति) के तहत पूर्व की भांति दो इंक्रीमेंट देने की सुविधा बहाल करने की मांग भी संगठन ने रखी।
संगठन का रुख
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि अवर अभियंता पीतम सिंह का निलंबन वापस नहीं लिया गया और अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
बैठक में मौजूद रहे ये पदाधिकारी
बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष आरपी नौटियाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेश अवस्थी, जिला सचिव देहरादून श्याम सुंदर, नरेंद्र चौहान, अरविंद नेगी, सरस्वती व्यास, वर्षा भट्ट सहित कई अवर अभियंता और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा
संगठन ने प्रशासन को निलंबन आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए समय दिया है। यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।







