
देहरादून: जोगीवालामाफी गांव में नशामुक्ति केंद्र खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से दी गई अनुमति गलत है और इससे गांव के सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अनुमति जल्द निरस्त नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ग्रामीणों के अनुसार, नशामुक्ति केंद्र खोलने को लेकर पहले भी आपत्तियां जताई जा चुकी हैं। इसके बावजूद अनुमति दिए जाने से गांव में असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्थानीय सहमति के ऐसे केंद्र की स्थापना उचित नहीं है।
प्रदर्शन और मांग
सोमवार को ग्रामीण नशामुक्ति केंद्र के बाहर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व ग्राम प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा ने कहा कि यदि अनुमति निरस्त नहीं हुई तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने दावा किया कि केंद्र खुलने से गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित होगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान सहित स्थानीय ग्रामीणों ने अनुमति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में ज्येष्ठ प्रमुख धनवीर बेदबाल, ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल, गुरूप्रीत नरवाल, देव सिंह चौहान, राजवीर सिंह, टीकाराम ब्यास, मनमोहन पंवार, जागृति रावत, अंजू रावत, कुसुम कौर सहित कई लोग शामिल रहे।
आधिकारिक जानकारी
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि वे लिखित आश्वासन मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने अनुमति पर पुनर्विचार नहीं किया तो वे क्रमिक आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं, प्रशासन से बातचीत की पहल होने पर समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।




