
रानीपोखरी: देहरादून एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित निवासियों की मांगों को लेकर एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार जमीन के बदले जमीन उपलब्ध कराएगी। इसके लिए रानीपोखरी के घमंडपुर क्षेत्र में लगभग 12 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है। बैठक में विस्थापन से छूटे परिवारों, भूखंडधारकों और टिहरी विस्थापितों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रभावितों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के चलते बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण से करीब 100 से अधिक परिवार प्रभावित हैं, जबकि लगभग 62 टिहरी विस्थापितों को तीसरी बार विस्थापन का दंश झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा, नौ ऐसे परिवार भी हैं जो पहले चरण में अधिग्रहण से छूट गए थे, जिन्हें अब शामिल किए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
आधिकारिक जानकारी
बैठक के दौरान विधायक बृजभूषण गैरोला ने बताया कि प्रभावितों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए रानीपोखरी के घमंडपुर क्षेत्र में लगभग 12 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि विस्थापन से छूटे नौ परिवारों को भी अधिग्रहण में शामिल किया जाएगा और भूखंड वाले लोगों को भूखंड देने के विकल्प पर बातचीत चल रही है। विधायक ने यह भी कहा कि इस विषय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी आश्वासन मिला है। बैठक के दौरान विधायक ने जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर प्रभावितों की मांगों पर प्रगति की जानकारी ली, जिस पर डीएम ने कार्रवाई जारी होने की बात कही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रभावित बादल सजवाण ने बताया कि शनिवार को टीएचडीसी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण अधिकारियों की ओर से जमीन के बदले जमीन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके चलते प्रभावितों ने बैठक का बहिष्कार कर नारेबाजी की थी। उन्होंने कहा कि विधायक के साथ हुई ताजा बातचीत सकारात्मक रही, इसलिए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है।
आंकड़े / तथ्य
प्रभावित परिवार: 100 से अधिक
तीसरी बार विस्थापन झेल रहे टिहरी विस्थापित: लगभग 62
चिन्हित भूमि: लगभग 12 हेक्टेयर (घमंडपुर, रानीपोखरी)
छूटे परिवार: 9
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा चिन्हित भूमि और अधिग्रहण प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावितों की मांगों को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय जारी रहेगा। स्पष्ट प्रगति होने तक प्रभावितों ने आंदोलन स्थगित रखने का निर्णय लिया है।







