
देहरादून: देहरादून जिले के चकराता वन प्रभाग से जुड़े कनासर रेंज के खरोड़ा गांव में गुलदार के हमले से दहशत फैल गई है। गुलदार ने गांव से कुछ दूरी पर स्थित डाकरा छानी में घुसकर एक पशुपालक की 19 बकरियों को मार डाला। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। शनिवार सुबह जब पशुपालक बकरियों को खोलने छानी पहुंचा, तो गुलदार ने उस पर भी हमला कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब कहीं जाकर पशुपालक की जान बच सकी। इस घटना से न केवल ग्रामीणों में भय का माहौल है, बल्कि पीड़ित परिवार की आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कनासर रेंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहले भी जंगली जानवरों की सक्रियता की शिकायतें सामने आती रही हैं। जंगल से सटे गांवों में पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में गुलदार के इस हमले ने वन्यजीव-मानव संघर्ष की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
आधिकारिक जानकारी
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल, इस संबंध में विस्तृत टिप्पणी के लिए अधिकारी संपर्क में नहीं आए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
खरोड़ा के पूर्व प्रधान प्रताप डिमरी और पूर्व प्रधान धर्मदत्त डिमरी ने बताया कि गुलदार के हमले से पूरे पंचायत क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पशुपालक बकरी पालन के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण करता है और एक साथ 19 बकरियों के मारे जाने से उसके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
आंकड़े / विवरण
इस हमले में कुल 19 बकरियों की मौत हुई है। गुलदार रात भर छानी के भीतर ही दुबका रहा और सुबह दरवाजा खुलते ही पशुपालक पर झपट पड़ा, जिससे एक बड़ी अनहोनी होते-होते टल गई।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। साथ ही, पीड़ित पशुपालक को जंगली जानवर से हुए नुकसान का शीघ्र और उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई गई है। वन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाना है।




