देहरादून: आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वाहनों की रियल टाइम निगरानी के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य किया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू की गई है। इसके बावजूद प्रदेश में इस योजना का क्रियान्वयन अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है। मौजूदा स्थिति यह है कि अभी तक केवल करीब 51 प्रतिशत व्यावसायिक वाहनों में ही वीएलटीडी डिवाइस लग पाई है, जबकि शेष वाहन अब भी इस सुरक्षा दायरे से बाहर हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों में वीएलटीडी और इमरजेंसी बटन अनिवार्य हैं, ताकि संकट की स्थिति में वाहन की तुरंत पहचान हो सके और पुलिस व आपात सेवाओं को तत्काल सूचना मिल सके। हालांकि, पुराने वाहनों में इस व्यवस्था को लागू करने में लंबे समय से अड़चनें बनी हुई हैं।
आधिकारिक स्थिति और आंकड़े
प्रदेश में इस समय 2,18,741 सक्रिय व्यावसायिक वाहन यात्री सेवा में लगे हैं। इनके सापेक्ष केवल 1,09,724 वाहनों में ही वीएलटीडी डिवाइस लगाए जा सके हैं। वहीं, 1,18,208 मालवाहक वाहनों में से सिर्फ 46,685 में वीएलटीडी लगा है। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 40 से 51 प्रतिशत वाहन ही इस अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत आ पाए हैं।
क्यों पिछड़ रहा है क्रियान्वयन
नए पंजीकृत वाहनों में वीएलटीडी डिवाइस पहले से ही लगी आ रही है, लेकिन पुराने वाहनों में इसे अनिवार्य रूप से लगवाने की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से पूरी नहीं हो सकी। पूर्व में प्रयास जरूर किए गए, लेकिन निगरानी और प्रवर्तन की कमी के चलते व्यापक अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो पाया।
परिवहन विभाग की तैयारी
केंद्र सरकार के ताजा निर्देशों के बाद अब परिवहन विभाग बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस अभियान के तहत वाहनों की जांच, वीएलटीडी इंस्टॉलेशन की निगरानी और नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाहन मालिकों और चालकों को वीएलटीडी के महत्व को लेकर जागरूक भी किया जाएगा।
अधिकारी का बयान
अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अब सख्ती के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी व्यावसायिक वाहनों में वीएलटीडी अनिवार्य रूप से लगाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
परिवहन विभाग के प्रस्तावित अभियान के बाद उम्मीद की जा रही है कि शेष वाहनों में भी जल्द वीएलटीडी लगाया जाएगा। इससे न केवल आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी, बल्कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।






