
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए निजी अस्पताल उस समय अखाड़े में तब्दील हो गए, जब दो अस्पताल संचालकों के बीच मरीज को लेकर हिंसक झड़प हो गई। मरीजों की कथित छीना-झपटी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। यह मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जानकारी के अनुसार, यह विवाद शहर के दो निजी नर्सिंग होम के बीच मरीज को लेकर हुआ। आरोप है कि एक अस्पताल से मरीज को जबरन दूसरे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, जिसे लेकर तनाव पैदा हुआ। देखते ही देखते मामला कहासुनी से आगे बढ़कर मारपीट में बदल गया। इस तरह की घटनाएं पहले भी निजी अस्पतालों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला खुली हिंसा तक पहुंच गया।
आधिकारिक जानकारी
रुड़की पुलिस के अनुसार, अभी तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत या तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि फिलहाल पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की भी समीक्षा की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों के बीच मरीजों को लेकर इस तरह की प्रतिस्पर्धा बेहद चिंताजनक है।
कुछ नागरिकों ने कहा कि इलाज के नाम पर मारपीट की घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।
आंकड़े / तथ्य
घटना शहर के दो निजी नर्सिंग होम से जुड़ी बताई जा रही है। मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस के पास अब तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं पहुंची है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि जैसे ही किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलेगी, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी तथ्यों की जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके।






