
ऋषिकेश। वीरभद्र मंदिर के समीप नियमों के खिलाफ बनी एक बहुमंजिला निर्माणाधीन इमारत पर अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय हो गई है। निर्माण को लेकर मिली शिकायत की जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद एसडीएम के आदेश पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कार्रवाई का निर्णय लिया है। प्राधिकरण के अनुसार, आगामी 20 जनवरी को भवन को ध्वस्त किया जाएगा। यह कदम क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश क्षेत्र में हाल के महीनों में अवैध और बिना नक्शा पास निर्माण को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वीरभद्र मंदिर के आसपास भी कई निर्माण कार्यों को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप लगे थे, जिसके बाद प्रशासन और प्राधिकरण ने निगरानी बढ़ाई थी।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम और एमडीडीए के उप सचिव ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर बताया कि संबंधित बहुमंजिला भवन का निर्माण निर्धारित मानकों और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं पाया गया। जांच के बाद इसे अवैध निर्माण की श्रेणी में रखते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है।
पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाई
एमडीडीए की टीम इससे पहले भी क्षेत्र में कई निर्माणाधीन भवनों को नक्शा पास न होने के कारण सील कर चुकी है। वहीं, कुछ मामलों में नक्शे से विपरीत बनाए गए हिस्सों को ध्वस्त भी किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई अभियान का हिस्सा है और आगे भी जारी रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण से न केवल यातायात और पर्यावरण पर असर पड़ता है, बल्कि क्षेत्र की गरिमा भी प्रभावित होती है। कई नागरिकों ने प्रशासन की कार्रवाई को जरूरी कदम बताया है।
ध्वस्तीकरण की तिथि तय
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायत की पुष्टि होने के बाद ही कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को निर्माणाधीन भवन पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। बिना नक्शा पास या नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







