
देहरादून: राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब खेल मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने डालनवाला थाने में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर दो जनवरी को शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई एफआईआर नहीं हुई। मामला महिला सम्मान और कानून की निष्पक्षता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
महिला कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित बयान से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। पार्टी के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है। इससे पहले भी उत्तराखंड में महिला मुद्दों पर राजनीतिक दलों द्वारा विरोध-प्रदर्शन होते रहे हैं, लेकिन इस मामले में देरी को लेकर नाराज़गी ज्यादा दिखी।
आधिकारिक जानकारी
डालनवाला थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि कांग्रेस नेता की ओर से पूर्व में एक प्रार्थनापत्र दिया गया था। मामला अल्मोड़ा से संबंधित होने के कारण प्रार्थनापत्र वहां भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिन में कांग्रेस नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेकर पुलिस लाइन छोड़ा गया, लेकिन वे दोबारा थाने पहुंच गए।
रात में एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का मांगपत्र लिया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हो, तो पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि जब तक कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि शिकायत दर्ज है, तो प्राथमिक जांच के बाद एफआईआर या स्पष्ट निर्णय समयबद्ध तरीके से सामने आना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष में असंतोष न रहे।
आंकड़े / तथ्य
- शिकायत दर्ज कराने की तिथि: 2 जनवरी
- प्रदर्शन में शामिल महिलाएं: कई दर्जन
- हिरासत में लिए गए नेता: कांग्रेस के कई पदाधिकारी
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि मामला दूसरे जिले से जुड़ा है, तो संबंधित पुलिस इकाई से समन्वय कर निर्णय लिया जाएगा।






