
ऋषिकेश: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच रविवार को ऋषिकेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर सियासत करने का आरोप लगाया। सीबीआई जांच की मांग पूरी होने के बावजूद उत्तराखंड बंद के आह्वान पर नाराजगी जताते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने त्रिवेणीघाट पर कांग्रेस नेताओं की सद्बुद्धि के लिए हवन-यज्ञ किया। इस दौरान भाजपा ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मामले में आवश्यक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य में लंबे समय से न्याय और जांच को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद भी बंद के आह्वान को लेकर सियासत तेज हो गई है, जिस पर अब भाजपा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
त्रिवेणीघाट पर हवन-यज्ञ
रविवार को भाजपा कार्यकर्ता त्रिवेणीघाट पर एकत्र हुए। यहां कांग्रेस नेताओं की सद्बुद्धि के लिए हवन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने आहुतियां डालते हुए कांग्रेस की मनोस्थिति में सुधार की कामना की। कार्यक्रम को भाजपा की ओर से एक प्रतीकात्मक विरोध बताया गया।
भाजपा नेताओं के बयान
हवन में शामिल प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सरकार शुरू से उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों को जेल भेजा गया और सख्त कार्रवाई भी हुई है। मौजूदा हालात में सीबीआई जांच की मांग उठी, जिस पर सरकार ने मुहर लगा दी, इसके बावजूद कांग्रेस दुष्प्रचार कर रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनता की मांग पर ही सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है।
भाजपा जिला महामंत्री प्रतीक कालिया ने कहा कि स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग सीबीआई जांच थी, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरा कर दिया है। इसी के बावजूद कांग्रेस द्वारा बंद जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, इसलिए यह बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि अंकिता भंडारी प्रकरण बेहद संवेदनशील है और इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आम जनता में भ्रम की स्थिति बनती है। कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण संवाद के जरिए समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया।
आगे क्या होगा
राजनीतिक दलों के बीच जारी बयानबाजी के बीच प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।







