
रुद्रप्रयाग: चार दशक से बदरीनाथ हाईवे पर यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए नासूर बने सिरोबगड़ डेंजर जोन का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित इस भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिए केंद्र सरकार ने 95.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने से चारधाम यात्रा के दौरान बार-बार बाधित होने वाला यातायात सुचारू होगा, वहीं चमोली और रुद्रप्रयाग के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सिरोबगड़ क्षेत्र में पिछले करीब 40 वर्षों से भूस्खलन की गंभीर समस्या बनी हुई है। हर बरसात और कई बार सामान्य मौसम में भी यहां पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात ठप हो जाता था। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है।
आधिकारिक जानकारी
जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों और प्रभावी समन्वय के बाद भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वार्षिक योजना 2025–26 के अंतर्गत सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को स्वीकृति दे दी है। यह कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग-07 (पुराना एनएच-58) पर चेनाज 350.767 से 350.938 के बीच किया जाएगा। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 95.12 करोड़ रुपये है। इससे पहले राज्य लोक निर्माण विभाग ने 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसे परीक्षण के बाद संशोधित करते हुए मंजूरी दी गई।
ट्रीटमेंट में क्या-क्या होगा
परियोजना के तहत ढीली चट्टानों की स्केलिंग की जाएगी। इसके साथ ही हाई टेन्साइल केबल नेट, डीटी मेश और रॉक एंकर के माध्यम से पहाड़ी ढलानों को मजबूत किया जाएगा। इन आधुनिक तकनीकी उपायों से भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। यह पूरा कार्य ईपीसी (EPC) मोड पर कराया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिरोबगड़ क्षेत्र में हर यात्रा सीजन के दौरान डर बना रहता था। कई बार घंटों और दिनों तक सड़क बंद रहने से जरूरी सामान और मरीजों की आवाजाही भी प्रभावित होती थी। लोगों ने इस परियोजना की मंजूरी को लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी राहत बताया है।
प्रशासन का बयान
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि सिरोबगड़ ट्रीटमेंट कार्य की स्वीकृति से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा। इससे चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनसुरक्षा और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रहा है।
आगे क्या होगा
परियोजना से जुड़े तकनीकी और टेंडर संबंधी कार्य पूरे होने के बाद जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सिरोबगड़ क्षेत्र को लेकर बनी वर्षों पुरानी चिंता काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।





