
देहरादून: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को प्रभावी और जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश में नई और आधुनिक एंबुलेंस को बेड़े में शामिल किया जाएगा, अनुभवी कार्मिकों की नियुक्ति होगी और हर जिले में तीन-तीन एंबुलेंस को रिजर्व रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को कम कर जरूरतमंद मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में आपातकालीन एंबुलेंस सेवा स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ मानी जाती है। पहाड़ी इलाकों में दूरी और सड़क परिस्थितियों के कारण समय पर एंबुलेंस पहुंचना अक्सर चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार 108 सेवा को आधुनिक तकनीक और बेहतर मानव संसाधन के साथ सुदृढ़ करने पर जोर दे रही है।
आधिकारिक जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108 सेवा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है और इसे आम लोगों के लिए अधिक सुलभ, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में एंबुलेंस सेवा की नई निविदा, आधुनिक उपकरणों से लैस एंबुलेंस और कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
एंबुलेंस सेवा में क्या होंगे बदलाव
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि एंबुलेंस बेड़े में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित नई एंबुलेंस शामिल की जाएं। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए 108 कॉल सेंटर में अतिरिक्त कार्मिकों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि कॉल रिस्पांस में देरी न हो। इसके साथ ही एंबुलेंस मरीजों को सीधे उसी अस्पताल में पहुंचाएगी, जहां संबंधित बीमारी के उपचार के लिए चिकित्सक उपलब्ध हों।
आंकड़े / तथ्य
मैदानी क्षेत्रों में एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 13 मिनट तय किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रिस्पांस टाइम 18 मिनट निर्धारित किया गया है। प्रदेश के हर जिले में 3-3 एंबुलेंस रिजर्व में रखी जाएंगी।
अन्य निर्देश और सुधार
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार तकनीकी संवर्ग के तहत लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट के पदों के पुनर्गठन के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी चिकित्सा इकाइयों और विभागीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, तथा अवकाश के दौरान चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विभाग अब नई निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा और चरणबद्ध तरीके से आधुनिक एंबुलेंस सेवा लागू की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित रिस्पांस टाइम का सख्ती से पालन हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।





