
लक्सर: लक्सर में कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी हत्याकांड की जांच में तेजी आई है। जेल में बंद दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गहन पूछताछ की और उन्हें घटनास्थल सहित घटना के बाद छिपने और भागने के संभावित स्थानों पर ले जाया गया। पूछताछ और क्राइम सीन के पुनर्निर्माण के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनसे हत्याकांड की साजिश और घटनाक्रम को जोड़ने में मदद मिल रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह हत्याकांड 24 दिसंबर का है, जब न्यायालय में पेशी के लिए ले जाते समय रुड़की जेल में बंद विनय त्यागी पर लक्सर ओवरब्रिज पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं। तीन गोलियां लगने के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
आधिकारिक जानकारी
मामले में पुलिस ने दोनों हमलावरों सन्नी उर्फ शेरा और अजय (निवासी काशीपुर) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच कर रही एसआईटी ने कोर्ट में रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर अदालत से आठ घंटे का रिमांड मंजूर हुआ। शुक्रवार 10 जनवरी को एसआईटी प्रभारी शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की।
क्राइम सीन का पुनर्निर्माण
पूछताछ के दौरान आरोपियों को घटनास्थल और उनके भागने व छिपने के स्थानों पर ले जाया गया, जहां क्राइम सीन को दोहराया गया। टीम ने इस दौरान साक्ष्यों की तलाश भी की। जांच में सामने आया कि जिस पिस्तौल से विनय त्यागी को गोली मारी गई, वह काम के दौरान सन्नी उर्फ शेरा को खुद विनय त्यागी ने दी थी। दो पिस्तौल होने की जानकारी मिली, जिनमें से एक पुलिस बरामद कर चुकी है, जबकि दूसरी की तलाश जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वारदात ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि एसआईटी की जांच से पूरे हत्याकांड की साजिश और इसमें शामिल सभी कड़ियां सामने आएंगी।
आगे क्या होगा
एसआईटी के अनुसार, रिमांड में मिली जानकारियों के आधार पर साक्ष्यों को और मजबूत किया जाएगा। दूसरे पिस्तौल की बरामदगी और पैसों के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दोबारा जेल भेज दिया गया है।





