
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो वायरल प्रकरण में एसआईटी ने जांच के अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। ऑडियो मामले में फंसे पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से लंबी पूछताछ के बाद एसआईटी अब तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच एजेंसी उर्मिला द्वारा दिए गए साक्ष्यों और उनके मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया में है। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि ऑडियो की सत्यता और उसमें दर्ज बातचीत की पुष्टि इसी जांच पर निर्भर करेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। ऑडियो सामने आने के बाद हरिद्वार जनपद के बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे। बढ़ते विवाद और मामलों की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जनपद में दर्ज मामलों को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई थी। भूमिगत रहने के बाद दोनों पक्ष नौ दिन बाद जांच एजेंसी के सामने आए।
एसआईटी ने बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर से करीब सवा पांच घंटे तक पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए, जबकि शुक्रवार को सुरेश राठौर से साढ़े पांच घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। अधिकारियों के अनुसार, दोनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और अब तकनीकी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑडियो वायरल प्रकरण ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। लोगों को उम्मीद है कि फॉरेंसिक जांच के बाद सच्चाई स्पष्ट होगी और किसी भी तरह की अफवाहों पर विराम लगेगा।
आंकड़े / तथ्य
उर्मिला सनावर से पूछताछ का समय करीब 5.15 घंटे रहा। सुरेश राठौर से पूछताछ 5.30 घंटे तक चली। मामले में हरिद्वार जनपद के दो थानों में प्राथमिकी दर्ज है।
आगे क्या होगा
एसआईटी अब जब्त किए गए मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। रिपोर्ट आने के बाद ऑडियो की प्रमाणिकता, बातचीत की समय-सीमा और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का विश्लेषण किया जाएगा। जांच एजेंसी के अनुसार, फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।







