
देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की सिफारिश को प्रदेश की जनता के संघर्ष की जीत बताया है, लेकिन इसे अधूरा कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि जब तक जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में नहीं होती, तब तक सच्चाई पूरी तरह सामने आने की उम्मीद नहीं की जा सकती। गोदियाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में लंबे समय से आंदोलन और राजनीतिक बहस चल रही है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस इसे जनता के दबाव का परिणाम बता रही है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने के कारण सीबीआई की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जिन लोगों पर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, वे सत्ताधारी दल से जुड़े बताए जा रहे हैं, ऐसे में केवल सीबीआई जांच का आदेश जनता की आशंकाओं को दूर नहीं करता।
न्यायिक निगरानी की मांग
गोदियाल ने जोर देकर कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है, इसलिए सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए। तभी निष्पक्ष जांच और सच्चाई के सामने आने का भरोसा बन सकेगा।
सरकार पर लगाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश कर सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की शुरुआती जांच में चूक हुई है। उन्होंने इसे सरकार का त्रुटि सुधारने का प्रयास बताया, लेकिन कहा कि यह पर्याप्त नहीं है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि जब तक कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं होता और घटनास्थल पर साक्ष्यमिटाने के लिए बुलडोजर चलाने वालों को सजा नहीं मिलती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।
आगे क्या होगा
गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि सीबीआई जांच समयबद्ध तरीके से पूरी हो। उन्होंने साफ किया कि पार्टी न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रखेगी और जनता की आवाज को दबने नहीं देगी।







