
यमकेश्वर: सोशल मीडिया पर बब्बर शेर की एक वायरल वीडियो ने यमकेश्वर विकासखंड के माला गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो धन्वंतरि धाम में काम कर रहे एक मजदूर ने बनाया है, जिसे पतंजलि के आचार्य आचार्य बालकृष्ण ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। हालांकि, वन विभाग ने क्षेत्र में बब्बर शेर की मौजूदगी की संभावना से इंकार करते हुए वीडियो और फोटो की जांच कराने की बात कही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यमकेश्वर विकासखंड के माला गांव में स्थित पतंजलि के धन्वंतरि धाम परिसर में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान मजदूरों द्वारा बब्बर शेर दिखने का दावा किए जाने के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों और श्रमिकों में भय का माहौल बन गया है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उत्तराखंड के इस क्षेत्र में बब्बर शेर की मौजूदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। विभाग के अनुसार, वीडियो और फोटो की तकनीकी जांच कराई जाएगी, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
धन्वंतरि धाम में कार्य करा रहे ठेकेदार राजपाल बिष्ट का कहना है कि बब्बर शेर दिखने की चर्चा के बाद मजदूरों में डर फैल गया है। कई मजदूरों ने काम छोड़ने की बात कही है और फिलहाल निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि वायरल वीडियो के बाद रात के समय आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया
आचार्य बालकृष्ण ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में माला गांव में बब्बर शेर दिखने को चमत्कार बताया है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।
गुजरात में पाया जाता है बब्बर शेर
बब्बर शेर, जिसे एशियाई शेर भी कहा जाता है, मुख्य रूप से गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान और आसपास के क्षेत्रों में पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात से इतनी दूर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके तक बब्बर शेर का पहुंचना बेहद असंभव माना जाता है।
अधिकारी का बयान
लैंसडाउन वन प्रभाग के एसडीओ सुधीर कुमार ने कहा कि माला गांव से जुड़े फोटो और वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी जा सकेगी।
आगे क्या होगा
वन विभाग द्वारा वीडियो और तस्वीरों की जांच के साथ-साथ क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा दृश्य वास्तव में बब्बर शेर का है या किसी अन्य वन्यजीव का।






