
ऋषिकेश: नगर पालिका द्वारा विकास कार्यों को अपेक्षित गति न मिलने और पहले से अस्वीकृत प्रस्तावों को स्वीकृत किए जाने के आरोपों से क्षुब्ध सभासदों ने कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को शुरू हुए इस आंदोलन से नगर पालिका की राजनीति गरमा गई है। सभासदों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की वाजिब मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित हो रहा है और उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नगर पालिका गठन के बाद से ही विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सभासदों का आरोप है कि बोर्ड बैठकों में लिए गए निर्णयों और प्राथमिकताओं के अनुरूप काम नहीं हो रहा, जिससे वार्ड स्तर पर जनता को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
आधिकारिक जानकारी
इस मामले में नगर पालिका प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धरनास्थल पर पहुंचे समर्थकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विकास कार्य समय पर पूरे नहीं होंगे तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। वार्डों में सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम लंबे समय से लंबित बताए जा रहे हैं।
धरने में शामिल सभासदों के बयान
सभासद संदीप सिंह नेगी ने कहा कि विकास अवरुद्ध होने के कारण उन्हें आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक में अस्वीकृत प्रस्तावों को स्वीकृत करना बोर्ड की अवमानना है।
वहीं सभासद प्रदीप नेगी ने कहा कि वाजिब मांगों के लिए आंदोलन करना मजबूरी बन गया है।
सभासद अरुण सोलंकी ने भी आंदोलित सभासदों को समर्थन दिया।
आगे क्या होगा
सभासदों का कहना है कि मांगें माने जाने तक धरना जारी रहेगा। यदि नगर पालिका प्रशासन स्तर पर समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। अब सभी की नजरें प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित वार्ता पर टिकी हैं।






