
पौड़ी: क्षेत्रीय जनता के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले सिंगटाली मोटर पुल का सपना एक बार फिर आगे बढ़ता नजर आ रहा है। पिछली एजेंसियों के अयोग्य पाए जाने के बाद लोक निर्माण विभाग ने नई रणनीति के तहत पुल निर्माण के लिए दोबारा टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। ये टेंडर 15 जनवरी से विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। हालांकि, निर्माण प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है, जो लंबे समय से पुल निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सिंगटाली मोटर पुल को लेकर शासन ने 19 अगस्त 2025 को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) 12वां वृत्त पौड़ी द्वारा 22 अगस्त 2025 को टेंडर प्रकाशित किए गए थे। 22 सितंबर को विभागीय वेबसाइट पर टेंडर अपलोड हुए और 14 अक्तूबर को इन्हें खोला गया। इस प्रक्रिया में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम की चार एजेंसियों ने भाग लिया, लेकिन तकनीकी अर्हताएं पूरी न होने के कारण कोई भी एजेंसी योग्य नहीं पाई गई।
आधिकारिक जानकारी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में शामिल एजेंसियों के पास नदी में पुल निर्माण का आवश्यक अनुभव नहीं था। इसी वजह से सभी एजेंसियां डिस्क्वालीफाई हो गईं। अब लोक निर्माण विभाग ने टेंडर शर्तों में कुछ शिथिलता करते हुए दोबारा टेंडर जारी किए हैं, ताकि अधिक एजेंसियां भाग ले सकें। नए टेंडर 15 जनवरी को अपलोड होंगे और इनके खुलने में करीब डेढ़ माह का समय लगेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार टेंडर प्रक्रिया दोहराने से पुल निर्माण में अनावश्यक देरी हो रही है। सिंगटाली क्षेत्र के निवासियों के लिए यह पुल रोजमर्रा की आवाजाही, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद जरूरी है। लोगों में इस बात को लेकर असंतोष है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया।
निरीक्षण और तकनीकी स्थिति
लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सिंगटाली मोटर पुल की एप्रोच रोड का निरीक्षण करने के लिए शिवपुरी रेंजर को मौके पर भेजा जाएगा। निरीक्षण के बाद वह विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं पौड़ी जिले की ओर की सड़क का नक्शा 31 दिसंबर 2025 को पहले ही अपलोड किया जा चुका है।
बयान
सिंगटाली मोटर पुल संघर्ष समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी ने कहा कि लोनिवि द्वारा बार-बार टेंडर प्रक्रिया दोहराना बेहद दुखद है और सरकार को पुल निर्माण शीघ्र शुरू करना चाहिए।
वहीं लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार ने बताया कि पहले टेंडर में कोई भी एजेंसी योग्य नहीं पाई गई थी, इसलिए अब शर्तों को शिथिल किया गया है ताकि अधिक एजेंसियां भाग ले सकें।
आगे क्या होगा
15 जनवरी के बाद नई एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। टेंडर खुलने और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पुल निर्माण की वास्तविक शुरुआत संभव हो पाएगी। तब तक स्थानीय लोगों को इंतजार करना होगा कि यह बहुप्रतीक्षित पुल कब धरातल पर उतरता है।







