
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना से पूरे प्रदेश की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन सबसे अधिक प्रभावित अंकिता के माता-पिता हैं। ऐसे में उनसे संवाद कर उनकी भावनाओं, पीड़ा और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पहले से ही इस मामले में गंभीर और प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने प्रदेशभर में आक्रोश और संवेदनशीलता पैदा की है। घटना के बाद से ही सरकार पर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का दबाव रहा। समय-समय पर मामले से जुड़े नए दावे और कथित ऑडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हुईं।
आधिकारिक जानकारी
सचिवालय परिसर स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि सरकार की सशक्त और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद निष्पक्ष और गहन जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ा सवाल है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे भी पारदर्शी कदम उठाएगी।
विशेष जानकारी / ऑडियो प्रकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच के लिए भी एसआईटी का गठन किया गया है। जांच में शामिल व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वे सामने नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑडियो की सत्यता सामने आने के बाद सरकार किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार है और जो भी दोषी होगा, उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वीआईपी से जुड़े सवाल
वीआईपी से जुड़े सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही दिन केस डायरी में उठाए जा रहे सभी सवाल दर्ज हैं और यह रिपोर्ट एसआईटी द्वारा हाईकोर्ट में जमा की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस संवेदनशील मामले में राजनीतिक लाभ लेने के लिए प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि पीड़ित परिवार से संवाद के बाद सरकार आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने दोहराया कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाएगी और कानून के दायरे में रहते हुए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।







