
देहरादून: सेलाकुई में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद फरार हुए नेपाल निवासी आरोपी यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए देहरादून पुलिस ने नेपाल में घेराबंदी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की दो टीमें नेपाल में सक्रिय हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर दून लाया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई है, जिसके तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह प्रकरण इसलिए अहम है क्योंकि इसमें अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सेलाकुई क्षेत्र में हुई इस घटना ने छात्र समुदाय और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि विवाद अचानक हुआ और बाद में हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू की और अधिकांश आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार हो गया।
आधिकारिक जानकारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने शुक्रवार को देहात क्षेत्र में पहुंचकर मामले की छह घंटे तक मैराथन समीक्षा की। इस दौरान एसआईटी प्रभारी पंकज गैरोला, विवेचक और थानाध्यक्ष के साथ अब तक की जांच पर चर्चा की गई। एसएसपी ने नेपाल पहुंची टीमों की स्थिति की जानकारी लेते हुए फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी के तहत ही पूरे प्रकरण की आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना का क्रम
पुलिस जांच के अनुसार 9 दिसंबर की शाम एक जन्मदिन पार्टी से पहले सेलाकुई स्थित शराब के ठेके पर विवाद हुआ। वहां मौजूद एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा के साथ आरोपितों का कहासुनी के बाद झगड़ा हो गया। जांच में सामने आया है कि मारपीट के दौरान शौर्य ने एंजेल के सिर पर लोहे के कड़े से वार किया, जबकि फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी ने चाकू से हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में एंजेल की मौत हो गई।
अब तक की कार्रवाई
पुलिस इस मामले में दो नाबालिगों सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपितों के खिलाफ हत्या और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत धाराओं में बढ़ोतरी की गई है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
इनाम और तलाश
फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नेपाल में स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
नस्लीय टिप्पणी के आरोपों पर स्थिति
एसएसपी अजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच में नस्लीय टिप्पणी या भेदभाव की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, एक आरोपित की मां ने भी कहा है कि मीडिया में प्रसारित नस्लीय टिप्पणी के दावे सही नहीं हैं और पुलिस सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में चार्जशीट की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। एसओपी के तहत जांच पूरी कर न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।







