
धर्म डेस्क: नववर्ष की शुरुआत में आने वाला साल के पहले रविवार पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार सूर्यदेव का दिन होता है और वर्ष के पहले रविवार को की गई पूजा पूरे साल के लिए सकारात्मक ऊर्जा, अच्छी सेहत और कार्यों में सफलता का मार्ग खोलती है। यही कारण है कि इस दिन श्रद्धालु विशेष नियमों के साथ सूर्योपासना करते हैं।
ऋषिकेश समेत पूरे देश में मान्यता है कि सूर्यदेव जीवन शक्ति, स्वास्थ्य और आत्मबल के कारक हैं। ऐसे में साल के पहले रविवार को यदि सही विधि से सूर्य को अर्घ्य दिया जाए और नियमों का पालन किया जाए, तो शारीरिक रोगों के साथ-साथ मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है। यही वजह है कि ज्योतिष और सनातन परंपरा दोनों में इस दिन को अत्यंत शुभ माना गया है।
साल के पहले रविवार पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने का महत्व
साल के पहले रविवार पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि जीवनशैली से भी जुड़ी हुई है। सूर्य प्रकाश से विटामिन-डी मिलता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। धार्मिक दृष्टि से सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, इसलिए इस दिन की पूजा से आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में की गई यह साधना पूरे साल अनुशासन, नियमितता और सकारात्मक सोच बनाए रखने में मदद करती है। यही कारण है कि इसे पूरे वर्ष अच्छी सेहत और सफलता से जोड़कर देखा जाता है।
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सूर्यदेव की पूजा और अर्घ्य देने की सही विधि
साल के पहले रविवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर खुले स्थान या नदी-घाट पर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। ऋषिकेश में गंगा तट पर श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से सूर्योपासना करते हैं।
अर्घ्य देते समय मन को शांत रखते हुए सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए। मान्यता है कि तांबे के पात्र में जल, लाल फूल और थोड़ी सी रोली मिलाकर दिया गया अर्घ्य अधिक फलदायी होता है।
सूर्य अर्घ्य और पूजा से जुड़ी मुख्य जानकारी (तालिका)
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| शुभ समय | सूर्योदय से 1 घंटे तक |
| अर्घ्य पात्र | तांबे का लोटा |
| जल में मिलाने योग्य सामग्री | लाल फूल, रोली, गुड़ |
| जप मंत्र | ॐ घृणि सूर्याय नमः |
| पूजा के वस्त्र | लाल या केसरिया वस्त्र |
| दान | गेहूं, गुड़, तांबा |
आज का अपडेट और वर्तमान नियम
वर्तमान समय में स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सुबह के समय सूर्य प्रकाश लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में साल के पहले रविवार की यह परंपरा धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी उपयोगी मानी जाती है। कई लोग इस दिन संकल्प लेते हैं कि पूरे वर्ष नियमित सूर्य नमस्कार और प्रातःकालीन दिनचर्या का पालन करेंगे।
यदि आप चाहते हैं कि साल के पहले रविवार पर सूर्यदेव को प्रसन्न कर पूरे वर्ष अच्छी सेहत, मानसिक शांति और कार्यों में सफलता मिले, तो इस दिन सूर्योपासना अवश्य करें। सही विधि, शुद्ध मन और नियमितता के साथ की गई पूजा वर्षभर सकारात्मक परिणाम देती है। यह परंपरा केवल आस्था नहीं, बल्कि संतुलित जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है।







