
ऋषिकेश के मीरा नगर में शनिवार को वन विभाग की हालिया कार्रवाई को लेकर क्षेत्रवासियों की चिंता के बीच विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। बैठक में प्रभावित इलाकों की स्थिति, न्यायालय के निर्देशों के बाद हुई कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा हुई। विधायक ने भरोसा दिलाया कि यह विषय सरकार की प्राथमिकता में है और पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में मामले की मजबूती से पैरवी की जाएगी। यह मामला क्षेत्र के लगभग 20 हजार परिवारों से जुड़ा होने के कारण सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मीरा नगर, बापूग्राम, बीस बीघा, शिवाजी नगर, सुमन विहार, गीता नगर, मालवीय नगर और अमित ग्राम सहित कई रिहायशी क्षेत्रों में हाल के दिनों में वन विभाग की कार्रवाई हुई है। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिससे लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों में असमंजस और चिंता का माहौल बना। वर्षों से बसे लोगों के सामने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, इसलिए यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर बेहद संवेदनशील बन गया है।
आधिकारिक जानकारी
बैठक के दौरान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से एक सक्षम अधिवक्ता के माध्यम से सशक्त पैरवी की जाए। विधायक ने यह भी दोहराया कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और क्षेत्रवासियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से इन इलाकों में निवास कर रहे हैं और अचानक हुई कार्रवाई से परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। कुछ निवासियों ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने से राहत का रास्ता निकलेगा।
आंकड़े / तथ्य
यह पूरा मामला लगभग 20,000 परिवारों से जुड़ा बताया गया है। बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिससे मुद्दे की गंभीरता स्पष्ट होती है।
आगे क्या होगा
पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से मजबूत पैरवी किए जाने की तैयारी है। इसके बाद न्यायालय के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।







