
देहरादून: नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी सात मोर्चों की टीमों की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद अलग-अलग मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपनी-अपनी कार्यकारिणी सार्वजनिक की। पार्टी नेतृत्व इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देख रहा है, जिससे संगठनात्मक सक्रियता और जमीनी पकड़ को और मजबूत किया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भाजपा ने करीब दो महीने पहले सभी सात मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए थे। इसके बाद से ही कार्यकारिणी विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। पार्टी संगठन का मानना है कि मोर्चों के जरिए युवाओं, महिलाओं, किसानों, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग तक प्रभावी पहुंच बनाई जा सकती है।
आधिकारिक जानकारी
प्रदेश अध्यक्ष की सहमति के बाद मोर्चा प्रमुखों ने अपनी टीमें घोषित कीं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोली ने युवा मोर्चा की कार्यकारिणी जारी की। इसी क्रम में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट, किसान मोर्चा के महेंद्र सिंह नेगी, ओबीसी मोर्चा के नेत्रपाल मौर्या, अनुसूचित जाति मोर्चा के बलवीर घुनियाल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के डॉ. प्रेम सिंह राणा और अल्पसंख्यक मोर्चा के अनीस गौड़ ने अपनी-अपनी टीमों की घोषणा की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से कार्यकारिणी विस्तार का इंतजार था। नई टीमों के आने से संगठनात्मक गतिविधियां तेज होंगी और जमीनी स्तर पर संपर्क अभियान को गति मिलेगी।
आंकड़े / तथ्य
प्रदेश स्तर पर कुल सात मोर्चों की टीमें घोषित की गईं। सभी मोर्चों में प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। कार्यकारिणी विस्तार को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मोर्चों को जल्द ही विशेष अभियान और कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संगठन आगामी महीनों में बूथ स्तर तक गतिविधियों को तेज करने की योजना बना रहा है।







