
देहरादून: उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े करीब छह हजार शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला सामने आया है। वर्षों पहले केवल बीएड योग्यता के आधार पर, बिना बीटीसी और टीईटी किए नियुक्त किए गए बेसिक शिक्षकों को अब छह माह का अनिवार्य ब्रिज कोर्स करना होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा में यह कोर्स पूरा नहीं करने पर संबंधित शिक्षक अयोग्य माने जाएंगे। इस फैसले का सीधा असर कक्षा एक से पांच तक पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में पहले प्राथमिक स्तर पर बीटीसी अनिवार्य था, जबकि वर्ष 2023 के बाद टीईटी अनिवार्य कर दिया गया। हालांकि 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच कुछ शिक्षकों की नियुक्ति केवल बीएड योग्यता के आधार पर कर दी गई थी। बाद में बीएड को प्राथमिक स्तर के लिए अमान्य घोषित किए जाने के बाद यह मामला न्यायिक और विभागीय स्तर पर चर्चा में रहा।
आधिकारिक जानकारी
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि संबंधित शिक्षकों से आवेदन लिए जाएं। यह छह माह का ब्रिज कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के माध्यम से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) पद्धति पर कराया जाएगा। शिक्षकों को 19 जनवरी, 2026 तक आवेदन करना अनिवार्य होगा।
न्यायिक आधार
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के अंशुमान सिंह बनाम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद मामले में दिए गए आदेश के अनुरूप है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बीएड के आधार पर प्राथमिक स्तर पर नियुक्त शिक्षकों को छह माह का ब्रिज कोर्स करना होगा, ताकि शिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
ब्रिज कोर्स नहीं किया तो क्या होगा
आदेश में साफ कहा गया है कि जो शिक्षक निर्धारित अवधि में ब्रिज कोर्स पूरा नहीं करेंगे, उनकी नियुक्ति अमान्य मानी जाएगी। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की होगी। विभागीय अनुमान के मुताबिक प्रदेश में सात से आठ हजार शिक्षक इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।
शुल्क को लेकर असमंजस
ब्रिज कोर्स के शुल्क को लेकर शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि शुल्क करीब 25 हजार रुपये बताया जा रहा है, लेकिन यह राशि विभाग वहन करेगा या शिक्षकों को स्वयं जमा करनी होगी, इस पर अभी कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। पूर्व में ऐसी परिस्थितियों में शुल्क विभाग द्वारा वहन किया गया था।
विभाग का पक्ष
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय नौडियाल ने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच प्राथमिक स्तर पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य है। सभी संबंधित शिक्षकों को तय समयसीमा के भीतर आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
अब विभाग द्वारा आवेदनों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और ब्रिज कोर्स की शुरुआत एनआईओएस के माध्यम से की जाएगी। शुल्क और अन्य तकनीकी पहलुओं पर जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है।







