
ऋषिकेश: ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल गुरुवार को बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में शामिल हुए, जहां वन विभाग की हालिया कार्रवाइयों के बाद भूमि संरक्षण, क्षेत्र की पहचान और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में विधायक ने स्पष्ट किया कि बापूग्राम के भविष्य और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा सभी कदम संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर उठाए जाएंगे। यह बैठक इसलिए अहम रही क्योंकि इसमें समाधान को लेकर व्यावहारिक और जनभावनाओं के अनुरूप विकल्पों पर सहमति बनाने की कोशिश की गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल के दिनों में बापूग्राम क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाइयों के बाद स्थानीय स्तर पर असमंजस और चिंता बढ़ी है। भूमि की स्थिति, बसावट और भविष्य की सुरक्षा को लेकर नागरिकों की मांग है कि स्थायी और कानूनी समाधान निकाला जाए, जिससे क्षेत्र की पहचान और आजीविका प्रभावित न हो।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र की पहचान, स्थानीय नागरिकों के अधिकार और भविष्य की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मिलकर ठोस, व्यावहारिक और जनभावनाओं के अनुरूप समाधान पर विचार-विमर्श किया। विधायक ने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और सभी कदम संविधान व कानून के दायरे में रहकर प्रभावी तरीके से उठाए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों और समिति के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से संवाद आगे बढ़ेगा और व्यवहारिक रास्ता निकलेगा।
बैठक में उपस्थित लोग
बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सुमन, पार्षद अभिनव मलिक, सुरेंद्र नेगी, मुस्कान, पिंटू रावत, राजू बिष्ट, वरिष्ठजन रमेश जुगलान, रामकुमार कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और समिति के सदस्य मौजूद रहे।
आगे क्या होगा
समिति और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा के आधार पर आगे कानूनी विकल्पों और प्रशासनिक स्तर पर संवाद को आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी, ताकि बापूग्राम से जुड़े मुद्दों का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।






