
देहरादून: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर नववर्ष से पहले कांग्रेस ने देहरादून में ‘एक दीया अंकिता के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया। राजपुर रोड स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय से गांधी पार्क तक निकाले गए कैंडल मार्च में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में दीये लेकर न्याय की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका के संकेत सामने आने के बावजूद सरकार की चुप्पी ने प्रदेश में आक्रोश बढ़ाया है, जबकि पीड़ित परिवार को अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी मामला सितंबर 2022 से ही प्रदेश की राजनीति और जनभावनाओं का केंद्र बना हुआ है। समय-समय पर विरोध-प्रदर्शन और जांच की मांग उठती रही है। हाल में सोशल मीडिया पर सामने आई कथित बातचीत और बयानों के बाद वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं।
आधिकारिक जानकारी
इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। पार्टी की मांग है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं, विशेषकर वीआईपी की कथित भूमिका, की गहन जांच हो और दोषियों को सजा मिले।
अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा का सवाल है।
स्थानीय महिलाओं ने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक आंदोलन जारी रहना चाहिए।
नेताओं के बयान
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने सवाल उठाया कि आखिर वह वीआईपी कौन था, जिसके लिए कथित तौर पर अंकिता पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि सामने आई बातचीत और संदेशों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली भाजपा इस मामले में जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। साथ ही सीबीआई जांच की मांग दोहराई गई।
संख्यात्मक / तथ्यात्मक विवरण
अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को लापता हुई थीं। मामले में होटल मालिक और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगे थे। तब से अब तक जांच और न्याय प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि आगामी दिनों में प्रदेशभर में इस मुद्दे पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।







