
देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में लालतप्पड़ के पास मंगलवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब लोहाघाट से देहरादून आ रही एक चलती रोडवेज बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बस इसकी चपेट में आ गई। बस में चालक सहित करीब 15 यात्री सवार थे, लेकिन समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सर्दियों में वाहनों में तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। हाईवे पर चलने वाली लंबी दूरी की बसों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके चलते वाहन सुरक्षा और नियमित जांच पर सवाल उठते हैं।
आधिकारिक जानकारी
स्थानीय प्रशासन के अनुसार घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई। बस में अचानक आग लगते ही चालक ने वाहन रोक दिया और यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान चलाया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पूर्व उप ग्राम प्रधान माजरी ग्रांट रामचंद्र ने बताया कि आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
संख्यात्मक विवरण
इस हादसे में बस में सवार 15 यात्री और चालक सुरक्षित बाहर निकल आए। बस लोहाघाट से देहरादून की ओर आ रही थी। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन बस को भारी नुकसान हुआ है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में सेंट ज्यूड चौक के पास एक निजी बस में भीषण आग लग गई थी। उस बस में तमिलनाडु के करीब 40 छात्र सवार थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
आगे क्या होगा
प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। परिवहन विभाग से भी बस की फिटनेस और रखरखाव से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।





