
डोईवाला नगरपालिका में सभासदों और अध्यक्ष के बीच चल रहे विवाद पर परवादून कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने 14 निर्वाचित सभासदों द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत किए जाने को गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति नगर निकाय में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन की ओर इशारा करती है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला नगरपालिका में हाल के दिनों में आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं। सभासदों का आरोप है कि बोर्ड बैठकों में अस्वीकृत प्रस्तावों को बाद में अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर निकाय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जिससे विवाद गहराता चला गया।
आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आरोप लगाया कि सभासदों की सहमति के बिना लिए गए फैसले नियमों की अवहेलना हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की राय को दरकिनार करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर पार्षदों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका में चल रहा यह विवाद विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है।
कुछ नागरिकों ने उम्मीद जताई कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी और समाधान निकलेगा।
संख्यात्मक विवरण
इस मामले में कुल 14 निर्वाचित सभासदों ने अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसे कांग्रेस ने असाधारण और चिंताजनक बताया है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तो पार्टी जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।







