
नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में गुलदार के हमले से एक महिला की मौत हो गई। चमोली गांव के कीटोड़ा तोक की निवासी रेखा देवी अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास काटने गई थीं, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। महिलाओं के शोर और बचाव के प्रयासों के बावजूद गुलदार रेखा देवी को जंगल के भीतर घसीट ले गया, जहां उनकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ओखलकांडा सहित नैनीताल के पर्वतीय इलाकों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं। जंगल से सटे गांवों में रहने वाली महिलाएं रोजमर्रा के कामों के लिए जंगल जाती हैं, जहां गुलदार की मौजूदगी खतरा बनी रहती है। पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसे हमले सामने आ चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है।
आधिकारिक जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेखा देवी पत्नी पान सिंह जंगल में घास काट रही थीं, तभी गुलदार ने उन पर हमला किया और करीब दो किलोमीटर तक जंगल के भीतर घसीट ले गया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
इस मामले में अधिकारी आगे की जांच और क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, पिंजरे लगाने और चेतावनी व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए।
आंकड़े / तथ्य
इस घटना में एक महिला की मौत हुई है।
बीते वर्षों में नैनीताल जिले में गुलदार और बाघ के हमलों में कई महिलाओं की जान जा चुकी है, जिससे वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों की मांग के बीच वन विभाग से उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी और गुलदार की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पीड़ित परिवार को सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया तेज किए जाने की संभावना है।







