
देहरादून पुलिस ने एक ऐसे परीक्षा साल्वर को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देकर उन्हें नौकरी दिलवाता था और चयन के बाद उनसे मोटी रकम वसूलता था। रविवार को वह खुद बैंक भर्ती की परीक्षा देने देहरादून पहुंचा था, जहां पुलिस ने उसकी पुरानी गतिविधियों के आधार पर उसे धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में बड़े गिरोह के संकेत मिले हैं, जिस पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रतियोगी परीक्षाओं में साल्वरी और पहचान बदलकर परीक्षा देने के मामले देशभर में सामने आते रहे हैं। देहरादून में यह कार्रवाई इसलिए अहम है क्योंकि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा था।
घटना का विवरण
टीसीएस वेन्यू कमांडर सूरजपाल सिंह रावत के अनुसार, रविवार को बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान की क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की सामान्य भर्ती प्रक्रिया (स्केल-3) की परीक्षा पटेलनगर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर दोपहर 2:30 से 5:05 बजे तक आयोजित हुई। इसी परीक्षा में ऋषि कुमार नामक युवक ने भाग लिया, जिस पर पहले से संदेह था।
पहले भी देता रहा था दूसरों की जगह परीक्षा
आईबीपीएस के डिवीजन हेड डॉ. सोम्बाला निंगथौजम की सूचना पर सामने आया कि ऋषि कुमार ने पूर्व में विभिन्न परीक्षाओं में अलग-अलग केंद्रों पर कई अभ्यर्थियों की जगह अपनी फोटो लगाकर और अपना बायोमेट्रिक देकर परीक्षाएं दी थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया।
चार से पांच लाख रुपये लेता था
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के युवकों को अपने जाल में फंसाता था। वह प्रवेश पत्र पर अपनी फोटो लगाता और बायोमेट्रिक भी खुद ही देता था। चयन होने पर अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग के लिए भेज देता था। इसके बदले वह प्रति उम्मीदवार चार से पांच लाख रुपये वसूलता था। बैंकिंग सेक्टर के साथ-साथ एसएससी परीक्षाओं में भी वह कई लोगों को नौकरी दिलवा चुका है।
आरोपी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ऋषि कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीटेक और सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, पुणे से एमबीए किया है। वर्ष 2021 में उसने अपनी नौकरी छोड़कर साल्वर का काम शुरू किया। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और परीक्षा फर्जीवाड़े के पूरे तंत्र का खुलासा हो सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे फर्जीवाड़े से ईमानदार उम्मीदवारों का हक मारा जाता है। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली को और सख्त किया जाए।
आगे क्या होगा
पुलिस अब आरोपी के संपर्कों, लेन-देन और पूर्व परीक्षाओं के रिकॉर्ड की जांच करेगी। यदि गिरोह की पुष्टि होती है तो आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।





