
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में जांच अब भी अहम मोड़ पर अटकी हुई है। इस सनसनीखेज वारदात में प्रयुक्त चाकू को सेलाकुई पुलिस अब तक बरामद नहीं कर सकी है, जबकि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा चुकी है। उधर, एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें नेपाल में दबिश दे रही हैं। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें जातिसूचक शब्दों के विरोध पर हुए हमले का आरोप है, जिसने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नौ दिसंबर को सेलाकुई क्षेत्र में हुए इस हमले के बाद एंजेल चकमा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही यह मामला छात्र सुरक्षा, नस्लीय टिप्पणी और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा में है।
आधिकारिक जानकारी
सेलाकुई थानाध्यक्ष पीडी भट्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, लेकिन हत्या में इस्तेमाल चाकू अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
नेपाल में दबिश, इनाम घोषित
पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी निवासी कंचनपुर, नेपाल भाग गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम नेपाल में दबिश दे रही है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पीड़ित पक्ष का बयान
मृतक के भाई माइकल चकमा की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि अभद्रता और जातिसूचक शब्दों के विरोध पर आरोपियों ने चाकू और कड़े से हमला किया। एंजेल चकमा के पेट और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते उसकी जान चली गई।
गिरफ्तार आरोपी
अब तक पुलिस ने अविनाश नेगी, सूरज खवास, सुमित समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी मणिपुर का निवासी भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि सभी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में अहम खुलासे हो सकते हैं और हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी की उम्मीद भी बढ़ेगी। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।





