
काशीपुर: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग तेज होती जा रही है। सोमवार को काशीपुर के जसपुर क्षेत्र में नैनीताल–उधम सिंह नगर लोकसभा सांसद अजय भट्ट के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने काले झंडे दिखाए। अचानक हुए इस विरोध से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए काफिले को आगे बढ़ाया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। यह घटना इसलिए अहम है क्योंकि इससे प्रदेश में जारी सियासी तनाव और जनाक्रोश की तीव्रता सामने आती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से प्रदेश भर में निष्पक्ष जांच और कड़ी सजा की मांग उठती रही है। कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं और भाजपा नेताओं को सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
जसपुर में क्या हुआ
सोमवार को सांसद अजय भट्ट जसपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे थे। जैसे ही उनका काफिला जसपुर के सुभाष चौक से गुजरा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों ने काले झंडे दिखाकर नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए विरोध से आगे चल रही पुलिस वाहन में हलचल मच गई और पुलिसकर्मियों ने तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान काफिले को रोकने की कोशिश की गई। बाद में जसपुर कोतवाली पुलिस ने तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस कार्यकर्ता सुखबीर सिंह भुल्लर ने कहा कि यह प्रदर्शन अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर किया गया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तक विरोध जारी रहेगा।
सांसद अजय भट्ट की प्रतिक्रिया
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि जिन आरोपियों पर सीधे मुकदमे दर्ज हुए हैं, वे जेल में हैं और अदालत में ट्रायल चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास अतिरिक्त सबूत हैं, तो उन्हें सोशल मीडिया के बजाय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल राजनीति का नहीं, बल्कि न्याय और भरोसे का है।
कुछ लोगों ने शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील भी की।
आगे क्या होगा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजनीतिक दलों के तेवर देखते हुए आने वाले दिनों में और विरोध प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है।







